भूगतिकी

पृथ्वी तथा उसके क्रमविकास को उच्च विभेदन और बेहतर जानकारी के साथ समझने के लिए की जाने वाली मूलभूत वैज्ञानिक खोजें इस विषय में शामिल हैं। यह विभिन्न प्रकार के कई भूवैज्ञानिक और भूभौतिकीय अध्ययनों से प्राप्त प्रेक्षणों को धरती की गतिकी की एक विस्तृत तस्वीर में जोड़ती है। धरती की सतह का जहाँ तक संबंध है, आंकड़ों में क्षेत्र प्रेक्षण, भूगणित, भूकंपकी, विद्युत-चुम्बकिकी, भूकालानुक्रम विज्ञान, वेधछिद्रों की खुदाई तथा सुदूर संवेदन तकनीकें शामिल हैं। गभीरतर पृथ्वी, प्रावार एवं क्रोड़, के अध्ययन के लिए, भूभौतिकीविद भूकम्प विज्ञान, पृथ्वी के गुरुत्वीय और चुंबकीय क्षेत्र, शैल विज्ञान, खनिज विज्ञान और प्रयोगात्मक रूप से उच्च दबाव उच्च तापमान वाले प्रयोगों में पृथ्वी में पाई जाने वाली परिस्थितियों को पुनःसृजित करने पर भरोसा करते हैं। सीएसआईआर-एनजीआरआई के मानव और तकनीकी संसाधन और बहुत बड़ी मात्रा में विविध प्रकार के पूरक उपकरणों एवं कौशलों की उपलब्धता उसे भूगतिकी में अनुसंधान करने के लिए देश में प्रतिष्ठित अनुसंधान संगठन बनाती है।

इस विषय पर सीएसआईआर-एनजीआरआई में चालू परियोजनाएं नीचे सूचीबद्ध हैं।

पृष्ठ अंतिम अपडेट: 18-04-2018