सीएसआईआर-एनजीआरआई के आठ अनुसंधान एवं विकास समूह संस्थान की रीढ़ हैं। इन समूहों की  कल्पना, शिक्षण तथा विकास उन पथ प्रदर्शकों द्वारा किया गया है, जो संस्थान के शुरुआती चरणों के दौरान भूविज्ञान में अनुसंधान के भविष्य की जरूरतों और संभावनाओं को दृष्टिगोचर कर सके हैं। इन विषयों की परंपराओं को पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से मजबूत और आधुनिकीकरण किया गया था। भूविज्ञान के प्रत्येक क्षेत्र के नेतृत्व ने मौलिक विज्ञानों को आगे बढ़ाने और सामाजिक एवं आर्थिक तथा सामरिक प्रयोजनों के लिए अनुप्रयोगों, जो कि इस संस्थान की पहचान है और इसे देश में पृथ्वी विज्ञानों में अग्र स्थान पर अपना दर्जा बनाए रखने देते हैं, को तेज करने के बीच संतुलन पाने का प्रयत्न किया है। अत्याधुनिक उपकरणों और बुनियादी सुविधाओं में बड़े निवेशों के साथ-साथ कर्मियों का प्रशिक्षण संस्थान को पृथ्वी के भीतर काम कर रहे भौतिक-रासायनिक मापदंडों को मापने, विश्लेषण और प्रतिरूपण करने में बढ़त प्रदान करता है और पृथ्वी की प्रक्रियाओं को गहनता से समझने में सक्षम बनाता है।

आठ समूहों में से प्रत्येक समूह को आगे गतिविधियों में विभाजित किया गया है, जो उच्च स्तर कौशल विकास और शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ अनुसंधान के विशिष्ट पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करती हैं। विशेषज्ञताओं के सारांश, जो कि प्रत्येक समूह को और उसके भीतर अंतर्निर्मित गतिविधियों की विशेषता बताते हैं, इन पृष्ठों में वर्णित किए गए हैं।

पृष्ठ अंतिम अपडेट: 02-05-2018