ग्रीष्म/शीतकालीन अंतःशिक्षुताएँ

वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. भूविज्ञान और भूभौतिकी पर बल देते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में एक अहम भूमिका अदा करता है। यह विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों/संस्थानों के स्नातकोत्तर छात्रों को उनके व्यावसायिक कौशल, ज्ञान, और क्षमताओं को विकसित करने में मदद करने हेतु एक सही आधार के रूप में काम करता है। प्रति वर्ष 100 से अधिक स्नातकोत्तर छात्रों को ग्रीष्म/शीतकालीन अंतःशिक्षुओं के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

भूभौतिकी, भूविज्ञान, पृथ्वी विज्ञान अध्ययन करने वाले स्नातकोत्तर छात्र जो कि अपने दूसरे वर्ष / अंतिम सत्रक में हैं, आवेदन करने के लिए पात्र हैं। ग्रीष्मकालीन अंतःशिक्षुता के लिए प्रत्येक वर्ष जनवरी में और शीतकालीन अंतःशिक्षुता के लिए अक्तूबर में वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन खुलते हैं। चयन आवश्यकताओं और संस्थान के वैज्ञानिकों के पास उपलब्ध रिक्तियों के संयोजन पर आधारित है। प्रत्येक छात्र को उनकी अंतःशिक्षुता के सफल समापन और उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

ग्रीष्मकाल में पहला स्लॉट मई-जून के दौरान रहता है, जबकि अगला स्लॉट जुलाई-अगस्त के दौरान रहता है। शीतकाल में केवल एक ही स्लॉट, दिसंबर-जनवरी के दौरान रहता है। चयनित उम्मीदवारों को प्रत्येक चरण में न्यूनतम 6 सप्ताह और अधिकतम 8 सप्ताह की अवधि के लिए रहना होगा। समय अवधि को परस्पर व्याप्त करने / बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

बहुत ही कम दरों पर साझा आवास, यदि उपलब्ध हो तो, मुहैया कराया जा सकता है।

स्नातकोत्तर शोध-निबंध

वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. कई विश्वविद्यालयों द्वारा यथा अपेक्षित, स्नातकोत्तर उपाधि को पूरा करने के लिए स्नातकोत्तर शोध-निबंध कार्य करने के लिए सीमित अवसर प्रदान करता है। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप Pdf size:( 0.07 MB) में शैक्षिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव के संक्षिप्त वर्णन और विभागाध्यक्ष से एक पत्र के साथ अधिक से अधिक पहले वर्ष के 31 अक्तूबर तक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। इसकी योग्यता के लिए इसका मूल्यांकन छात्र कार्य समिति (एस ए सी) द्वारा किया जाएगा और यदि स्वीकार किया जाता है, उम्मीदवार को वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. में कार्य करने हेतु आमंत्रित किया जाएगा। अवधि 4-6 महीने है और समूह शोध-निबंध माने नहीं जाते हैं। शोध-निबंध वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. में पूरा किया जाएगा और शोध-निबंध प्रबंध की एक प्रति वै.औ.अ.प.-रा.भूभौ.अ.सं. को प्रस्तुत की जाएगी।

बहुत ही कम दरों पर साझा आवास, यदि उपलब्ध हो तो, मुहैया कराया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें:

डॉ. प्रान्तिक मंडल, मुख्य वैज्ञानिक        फोन: 040-27102888            ई-मेल: sac[at]ngri[dot]res[dot]in

पृष्ठ अंतिम अपडेट: 24-05-2019